डॉक्टर सुखनंदन सिंह ठाकुर का निधन
डॉक्टर सुखनंदन सिंह ठाकुर का निधन 90 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस चार पुत्रों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए
डॉक्टर सुखनंदन सिंह ठाकुर का निधन
90 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
चार पुत्रों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए
छुईखदान==क्षेत्र के जाने-माने एवं जनसेवा को समर्पित चिकित्सक डॉ. सुखनंदन सिंह ठाकुर का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। डॉ. ठाकुर ने अपना संपूर्ण जीवन ग्रामीण और आम नागरिकों की सेवा में समर्पित कर दिया। कहा जाता है कि जो लोग जीवन की आशा छोड़ चुके होते थे, उन्हें भी वे नई जिंदगी दे देते थे।वे सुनील सिंह ठाकुर अनिल सिंह ठाकुर वीरेंद्र सिंह ठाकुर डॉ प्रमोद सिंह ठाकुर (राजू) के पिताजी थे
ग्राम बुंदेली निवासी डॉ. सुखनंदन सिंह ठाकुर केवल एक डॉक्टर नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के लिए भगवान स्वरूप थे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में रहकर चिकित्सा सेवा देने का संकल्प लिया और उसे जीवनभर निभाया। उनका बुंदेली में निवास कोई संयोग नहीं, बल्कि जनसेवा का दृढ़ निश्चय था। उनके सभी बच्चे बाहर रहकर पढ़ाई करते रहे, लेकिन डॉ. ठाकुर ने कभी अपना गांव और क्षेत्र नहीं छोड़ा।
यहां तक कहा जाता है कि यदि किसी कारणवश वे बाहर भी जाते, तो देर रात तक वापस बुंदेली लौट आते—क्योंकि उन्हें चिंता रहती थी कि रात में किसी मरीज को इलाज की जरूरत पड़ सकती है। लोग आज भी उनके घर के सामने उनके लौटने का इंतजार करते थे।



मोटर साइकिल से सेवा, साथ रहता था ड्राइवर-मिस्त्री
डॉ. ठाकुर अधिकतर राजदूत मोटर साइकिल से क्षेत्र में इलाज के लिए निकलते थे। किसी भी समय मरीजों तक पहुंचने के लिए वे अपने साथ एक ड्राइवर-मिस्त्री भी रखते थे, ताकि रास्ते में कोई बाधा न आए।
उनका इलाज का तरीका भी उतना ही मानवीय था—जो जितना दे सके, उतना ले लेते थे और कई बार कहते थे, “ठीक हो जाने के बाद दे देना।” उनकी एक ही इच्छा थी—हर व्यक्ति स्वस्थ रहे।
आज जब चिकित्सा क्षेत्र पूरी तरह व्यवसायीकरण की ओर बढ़ चुका है, ऐसे समय में डॉ. सुखनंदन सिंह ठाकुर का जीवन एक प्रेरणा है। उन्होंने अपने छोटे पुत्र डॉ. प्रमोद सिंह ठाकुर को भी चिकित्सा सेवा के लिए प्रेरित किया, जो आज क्षेत्र में सेवा दे रहे हैं। इतना ही नहीं, उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी के रूप में डॉ. प्रमोद सिंह ठाकुर की पुत्री ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एक्यूप्रेशर में पाँच वर्षीय पाठ्यक्रम पूर्ण कर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।
डॉ. सुखनंदन सिंह ठाकुर के निधन पर पूरा क्षेत्र नतमस्तक है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को स्वर्गलोक में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस दुःख की घड़ी में सहनशक्ति और संबल प्रदान करें।
डॉ. सुखनंदन सिंह ठाकुर को छेत्रवासियों ने विनम्र श्रद्धांजलि दी।।
श्रद्धांजलि देने वाले:
संजीव दुबे, सज्जाक खान, छोटे राजा देवराज किशोर दास, सुदीप श्रीवास्तव छुईखदान