अच्छा सोचो अच्छा करो कृष्ण कृपा अवश्य बरसेगी : नरेंद्र नयन शास्त्री जी
अच्छा सोचो अच्छा करो कृष्ण कृपा अवश्य बरसेगी : नरेंद्र नयन शास्त्री जी
अच्छा सोचो अच्छा करो कृष्ण कृपा अवश्य बरसेगी : नरेंद्र नयन शास्त्री जी
छुईखदान=दुर्ग


==भगवान की भक्ति करने से ही मनुष्य सच्चा भक्त बनता है। जो लोग यह विश्वास रखते हैं कि सब कुछ अच्छा होगा, उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अवश्य आता है। कोशिश करने वाले की कभी हार नहीं होती, बस सोच और कर्म शुद्ध होने चाहिए। उक्त विचार आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री जी ने सतनाम भवन, दुर्ग में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि कृष्ण की कृपा उन्हीं पर बरसती है, जो अच्छा सोचते हैं और अच्छा करते हैं। वर्तमान में कथा के अंतर्गत रुक्मणि विवाह प्रसंग का सुंदर और भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है, जिसे सुनकर श्रोतागण भावविभोर हो रहे हैं।
आचार्य जी ने बताया कि कृष्ण को पाने के लिए अहंकार का त्याग अनिवार्य है। जब तक मन में अहंकार रहता है, तब तक भक्ति पूर्ण नहीं हो सकती। सच्ची भक्ति वही है, जिसमें समर्पण और विनम्रता हो।
कथा श्रवण हेतु दुर्ग में छोटे राजा देवराज किशोर दास का भी आगमन हुआ, जिनकी उपस्थिति से आयोजन और अधिक गरिमामय बन गया।
आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री जी ने कहा कि जो व्यक्ति लड्डू गोपाल को प्रतिदिन प्रेमपूर्वक पाँच गीत सुनाता है, वह कभी भी मानसिक रूप से परेशान नहीं रहता, क्योंकि भक्ति स्वयं जीवन की नकारात्मकता को दूर कर देती है।
भागवत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्म, भक्ति और संस्कारों का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
भागवत सुनने पहुंच रहे शिष्य भक्तगण
आचार्य श्री नरेंद्र नयन शास्त्री जी को भागवत कथा सुनने के लिए उनके शिष्य और भक्त गण कथा स्थान पर पहुंचने लगे है जिसमें नगर के छोटे राजा देवराज किशोर दास संजीव दुबे सुदीप श्रीवास्तव विजय दुबे श्रीमति अर्चना दुबे कविश दुबे आयश सिंह बोनी अशोक सिंह जी संहिता छुईखदान खैरागढ़ से शिष्यगण पहुंचने लगे ।