क्षेत्रवासियों ने शहीदों की ली कसम, छुईखदान विधान सभा बना कर रहेंगे गोलीकांड की 73वीं बरसी पर उमड़ा

क्षेत्रवासियों ने शहीदों की ली कसम, छुईखदान विधान सभा बना कर रहेंगे गोलीकांड की 73वीं बरसी पर उमड़ा जनसैलाब, विधानसभा की मांग को लेकर लिया संघर्ष का संकल्प

क्षेत्रवासियों ने शहीदों की ली कसम, छुईखदान विधान सभा बना कर रहेंगे   गोलीकांड  की 73वीं बरसी पर उमड़ा

क्षेत्रवासियों ने शहीदों की ली कसम, छुईखदान विधान सभा बना कर रहेंगे 

गोलीकांड की 73वीं बरसी पर उमड़ा जनसैलाब,

 विधानसभा की मांग को लेकर लिया संघर्ष का संकल्प

छुईखदान (शहीद नगरी) =शहीदों की धरती छुईखदान एक बार फिर अपने गौरवशाली इतिहास को दोहराते हुए अधिकारों की लड़ाई के लिए खड़ी नजर आई। 1953 के ऐतिहासिक गोलीकांड की 73वीं बरसी पर पूरे क्षेत्र में जबरदस्त जनउभार देखने को मिला। शहादत दिवस के अवसर पर नगर व ग्रामीण अंचल के युवाओं ने शहीदों के सम्मान में 5100 दीप प्रज्ज्वलित कर उन्हें नमन किया और यह स्पष्ट संकल्प लिया कि छुईखदान को पुनः विधानसभा का दर्जा दिलाए बिना आंदोलन थमेगा नहीं।

छात्र छात्राओं ने संभाली दीप प्रज्ज्वलित करने की जिम्मेदारी 

दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी स्कूल की छात्र छात्राएं ने बड़ीजिम्मेदारी संभाली छात्राओं ने पूरे शहीद गार्डन में चारों तरफ दिए को सजा कर रखा ।और बारी बारी से नगरवासी दिए को नमन कर प्रज्ज्वलित करने लगे इसमें स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्र छात्राओं का सहयोग रहा।

        छुईखदान वह नगर है, जिसने आज़ादी के बाद तहसील और ट्रेज़री तोड़े जाने के विरोध में शांतिपूर्ण जनआंदोलन छेड़ा था। जय स्तंभ चौक पर डेरा डालकर नगरवासियों ने प्रशासनिक अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की, जिसमें नगर के पाँच वीर सपूतों ने अपनी जान कुर्बान कर दी। यही कारण है कि यह नगर आज भी शहीद नगरी के नाम से जाना जाता है।

          स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मध्यप्रदेश में सर्वाधिक सेनानी देने वाला यह क्षेत्र आज़ादी के बाद भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करता रहा है , और 73 वर्ष बाद भी विकास की पीड़ा जस की तस बनी हुई है।

            युवा होने लगे एकजुट

 

     शहादत दिवस पर युवाओं की एकजुटता देखते ही बन रही थी। पूरे क्षेत्र से आए युवाओं ने एक स्वर में कहा कि अब चुप रहकर अन्याय सहने का समय खत्म हो चुका है। सड़क से सदन तक की लड़ाई लड़ी जाएगी।

शहीदों की वीर गाथा हर घर में सुनाई जाती है

     यहाँ हर घर में वीर रस की कहानी गूंजती है, माताएँ अपने बच्चों को शहीदों की गाथाएँ सुनाती हैं और आमजन एक-दूसरे का नमस्ते की अभिवादन “जय हिंद” कहकर करते है। 15 अगस्त और 26 जनवरी यहाँ केवल राष्ट्रीय त्योहार नहीं, बल्कि शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक माना जाता हैं।

        कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजा गिरिराज किशोर दास ने कहा कि छुईखदान क्षेत्र के विकास से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में एक बड़ा जनआंदोलन कार्यक्रम आयोजित कर मांग को निर्णायक मोड़ दिया जाएगा। हम सभी छुईखदान क्षेत्र मे रहते है,यहां का खाते है,आज हमे इसका ऋण चुकाने अवसर आया है तब हमारा यह परम कर्त्तव्य हो जाता है कि हम अपना आपकी मतभिन्नता का त्याग कर अपने क्षेत्र और शहर के लिए एक होकर संघर्ष करें,सारे संसाधन हमारे होने के बाद भी हमारी अनदेखी अब बर्दाश्त नही किया जाएगा।

        शहीद बैकुंठ प्रसाद तिवारी के पौत्र यशवंत तिवारी ने भावुक होकर कहा कि आज तक उनके परिवार को वह सम्मान नहीं मिल पाया, जिसके वे अधिकारी थे, लेकिन आज युवाओं द्वारा दिया गया सम्मान उनके लिए गर्व और संतोष का विषय है।

     कार्यक्रम के संयोजक छोटे राजा देवराज किशोर दास ने कहा,

         “अब घर बैठकर कुछ नहीं होने वाला। अधिकारों के लिए सड़क पर उतरना ही होगा। यह शुरुआत है छुईखदान के विकास की।”

उन्होंने बताया कि छुईखदान के साथ साल्हेवारा, बकरकट्टा, ठाकुरटोला, बुंदेली, उदयपुर और गंडई क्षेत्र पूरी मजबूती से आंदोलन के साथ खड़े हैं। 

    बिलासपुर से पहुंचे स्व. भूलिन बाई महोबिया के सुपुत्र बलदाऊ महोबिया ने नम आंखों से बताया कि घटना के समय वे मात्र तीन वर्ष के थे, जब 9 जनवरी 1953 को उनकी माता को तीन गोलियाँ मारकर शहीद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि 73 वर्ष बाद भी उनकी मातृभूमि विकास के लिए तड़प रही है, और यही पीड़ा उन्हें आज भी भीतर से झकझोरती है।

   

         नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं नगर को विकास का सूरज दिखाने वाले इस नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष शांतिलाल सांखला ने पृथक विधान सभा क्षेत्र के निर्माण को सारी समस्याओ का हल बताया है।

       नगर के प्रखर समाज सेवी व धर्म प्रेमी सुधीर जैन ने बताया कि आगामी समय मे पूरे देश और प्रदेश मे भी विधानसभा क्षेत्र की संख्या मे वृद्धि किए जाने का संकेत मिल रहा है ऐसे मे यदि केसीजी जिले मे भी छुईखदान विकासखंड क्षेत्र को पृथक विधान सभा का दर्जा देकर इस समस्या का स्थायी हल निकाला जा सकता है।

              शहादत दिवस के सभा को नगर एवं छेत्र के रोहित पुलस्त्य ने छेत्र में एकता के साथ संघर्ष को चलाने की बात कही। कार्यक्रम को गुलशन तिवारी नवनीत जैन एवं छेत्र के पूर्व विधायक जंघेल ने भी संबोधित किया ।कार्यक्रम का संचालन सज्जाक खान ने किया ।

और कहा आज शहादत दिवस ने यह साफ कर दिया कि शहीदों की नगरी छुईखदान आज भी अपने हक की लड़ाई लड़ना जानती है—और इस बार निर्णायक लड़ाई के मूड में है। इस प्रकार से पृथक विधान सभा क्षेत्र की मांग जो कि एक आदोलन का स्वरूप ले चुका है के समर्थन मे सैकड़ो हजारो युवा, वृद्ध,शहरी ग्रामीण, भाजपाई, कांग्रेस, व्यापारी,सहित हर स्तर के लोग जुड़कर आज केवल एक ही नारा लगाते दिखे,पृथक विधानसभा।बैठक के लिए निमंत्रण पत्र देकर आमंत्रित किया गया

        आज हुए शहादत दिवस के कार्यक्रम में नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष गिरिराज किशोर दास जी छोटे राजा देवराज किशोर दास शान्ति लाल जैन सुधीर जैन रोहित पुलस्त्य जमीदार ठाकुरटोला किरण वैष्णव लाल जितेंद्र किशोर दास रमेश दाऊ जी मुकेश वैष्णव लक्ष्मी मेडिकल दिवाकर महोबिया सज्जाक खान संजय जैन गोलू जैन गोलू कोचर उमाकांत महोबिया भीमु सोनी अनिमेष महोबिया यशवंत बाघमार भीम महोबिया मधुकर महोबिया महावीर सांखला संजय शर्मा दीपक देशमुख सन्नी महोबिया शैवया वैष्णव किरण वैष्णव आलोक यादव शैलेन्द्र तिवारी अनुभा संजय जैन घनाराम देवांगन महेश नारकर संजू नेताम गिरीश सेन नंदकुमार भट्ट मधुमनगल सिंह विक्रांत चंद्राकर शुभम चंद्राकर शुभम विश्वास संजय तिवारी हेमंत वैष्णव दीपक वैष्णव मनीष कोचर पन्ना मंडावी प्रकाश महोबिया चंद्रेश कुंभकार घना देवांगन प्रेम नवनीत जैन जिला महामंत्रि जिला भाजपा भावेश कोचर मंडल अध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव दिलीप वैष्णव प्रेम श्रीवास टिक्कू दादा संदीप जैन मनिक श्रीवास ज्ञान यादव संहित ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक गण उपस्थित थे।