ठाकुरटोला मे बालिका छात्रावास निर्माण में अनियमितता
ठाकुरटोला मे बालिका छात्रावास निर्माण में अनियमितता ठेकेदार ने किया सरकारी बोरिंग पर कब्जा ग्रामीण क्षेत्र में देखी जा रही नाराजगी ईंट की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
ठाकुरटोला मे बालिका छात्रावास निर्माण में अनियमितता
ठेकेदार ने किया सरकारी बोरिंग पर कब्जा
ग्रामीण क्षेत्र में देखी जा रही नाराजगी






ईंट की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
छुईखदान== छुईखदान विकास खण्ड के बड़े ग्रामो में से एक ग्राम पंचायत ठाकुरटोला में निर्माणाधीन बालिका छात्रावास अब विवादों में घिरता नजर आ रहा है। करीब अनुमानित 2 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस छात्रावास निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
2 करोड़ 32 लाख की लागत से बनना है ,छात्रावास
ज्ञात हो कि प्रशासन लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए निविदा आमंत्रित किया था जिसमें जिसमें इस छात्रावास की अनुमानित लगत 2 करोड़ 32 लाख एवं 72 हजार रूपए है जिसमें 15.11प्रतिशत एस ओ आर कम पर ठेकेदार किशन लाल यादव गंडई को मिला है जिसमें कार्यादेश 30 दिसंबर 25 एवं कार्यपूर्णता की तिथि 28 नवंबर 26 एवं समयावधि 10 महा एवं साधारण 5 साल का उल्लेख है ।ज्ञात हो ठेकेदार के द्वारा बोर्ड की जगह पर एक फ्लेक्स लटकाकरा कार्य को अंजाम दे रहा है ।जबकि कार्य स्थल पर बोर्ड लगाना अनिवार्य होने की जानकारी है।
स्कूल प्रबंधन समिति ने जताई आपत्ति ठेकेदार ने सरकारी बोरिंग पर किया कब्जा
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मिनेश जंघेल ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी और नियमों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए कहा कि कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा सरकारी बोरिंग पर कब्जा कर लिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण स्थल पर उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता भी जिसमें ईंट मुरूम संदेह के घेरे में है और कार्य की निगरानी ठीक से नहीं हो रही है। इस पूरे मामले को लेकर पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं और लोक निर्माण विभाग की भूमिका की आलोचना हो रही है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि निर्माण कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा हो सके।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और क्या आरोपों की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या नहीं।