छुट्टी के दिन कृषि विभाग का कार्यालय खुला
छुट्टी के दिन कृषि विभाग का कार्यालय खुला कहीं कोई गोलमाल तो नहीं ? छेत्र में कृषि विभाग को लेकर आमजनों में रोष छुईखदान===आमतौर पर जहां सरकारी कार्यालय सप्ताहांत या घोषित अवकाश के दिनों में बंद रहते हैं, वहीं कृषि विभाग छुईखदान के कार्यालय को छुट्टी के दिन खुला देख लोगों में आश्चर्य और संदेह की स्थिति पैदा हो गई है।
छुट्टी के दिन कृषि विभाग का कार्यालय खुला
कहीं कोई गोलमाल तो नहीं ?
छेत्र में कृषि विभाग को लेकर आमजनों में रोष
छुईखदान===आमतौर पर जहां सरकारी कार्यालय सप्ताहांत या घोषित अवकाश के दिनों में बंद रहते हैं, वहीं कृषि विभाग छुईखदान के कार्यालय को छुट्टी के दिन खुला देख लोगों में आश्चर्य और संदेह की स्थिति पैदा हो गई है।
जानकारी के अनुसार शनिवार के दिन पोला था।जब सभी सरकारी कार्यालयों में अवकाश था, तब भी कृषि विभाग छुईखदान का यह कार्यालय खुला पाया गया। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि आख़िर छुट्टी के दिन कार्यालय क्यों खोला गया ? क्या यह किसी विशेष कार्य के लिए था या फिर पर्दे के पीछे कोई गोलमाल चल रहा है ?
सबसे हैरानी की बात यह है कि हितग्राहियों और आम उपभोक्ताओं को इस बात की कोई सूचना नहीं दी गई, जिससे पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कार्यालय को किसी विशेष कारण से खोला गया था, तो इसकी सार्वजनिक जानकारी दी जानी चाहिए थी। चुपचाप ऐसा करना संदेह को जन्म देता है। ज्ञात हो कि इस विकास खण्ड छुईखदान के अंतर्गत अवैध तरीके से छेत्र में दुकानें संचालित की जा रही है लेकिन कृषि विभाग अभी तक कोई कार्यवाही नहीं कर पाई है।जिसे लेकर जनमानस में भारी नाराजगी देखी जा रही है।जिसके बाद भी छुट्टी के दिन कार्यालय का खुलना संदेह को जन्म देता है।छेत्र के दुकानों में अवैधानिक तरीके से खाद्य बीज कीटनाशक की दुकानें बगैर अधिकृत लायसेंस के संचालित होने की खबर लगातार आते रहा है।
बगैर लायसेंस के दुकानदार को सप्लाई क्यों???
जब इस क्षेत्र में लगातार अवैध दुकान बगैर लायसेंस के संचालित होने की शिकायत है तो वो कौन सी दुकान है जिसके द्वारा इन अवैध दुकानदारों को खाद्य बीज कीटनाशक की सप्लाई कर रहे हैं।उनके ऊपर भी कार्यवाही होना चाहिए। जिसे लेकर नगर एवं क्षेत्रवासी उच्च अधिकारियों से कार्यवाही हेतु संपर्क बना रहे है।



अब देखना यह है कि संबंधित विभाग के उच्च अधिकारी इस विषय पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं और क्या किसी प्रकार की जांच इस मामले में होगी।