एस आई आर फार्म 7 के सहारे एक वर्ग को निशाना बनाने का आरोप
एस आई आर फार्म 7 के सहारे एक वर्ग को निशाना बनाने का आरोप बिना सबूत नाम काटने की शिकायतें 96 वर्षीय जीवित महिला को देना पड़ेगा जिंदा होने का प्रमाण






एस आई आर फार्म 7 के सहारे एक वर्ग को निशाना बनाने का आरोप
बिना सबूत नाम काटने की शिकायतें
96 वर्षीय जीवित महिला को देना पड़ेगा जिंदा होने का प्रमाण
छुईखदान==एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) सर्वे के नाम पर जिले में मतदाता सूची से नाम काटने को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि बिना ठोस सबूत के फार्म-7 के जरिए एक वर्ग विशेष, विशेषकर मुस्लिम समाज के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है और सुनियोजित तरीके से आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एक ही व्यक्ति द्वारा बड़ी संख्या में मतदाताओं के खिलाफ शिकायतें की गई हैं। इनमें ऐसे नागरिक भी शामिल हैं जिनके बाप-दादा-परदादा वर्षों से स्थानीय निवासी रहे हैं, जिनका जन्म यहीं हुआ, जिनकी सामाजिक जड़ें इसी नगर से जुड़ी हैं और जिनकी बेटियों की शादियां भी यहीं हुई हैं। इसके बावजूद उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की मांग की गई है।
2003 की मतदाता सूची देने के बाद भी पेशी
पीड़ित पक्ष का कहना है कि एसआईआर की वर्ष 2003 की मतदाता सूची सहित सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बावजूद उन्हें बार-बार पेशी के लिए बुलाया जा रहा है, जिससे मानसिक और प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है।
96 वर्षीय जीवित महिला को ‘मृत’ बताने की शिकायत
मामला तब और चौंकाने वाला हो गया जब वार्ड नंबर 10 की 96 वर्षीय महिला नूरजहां पति मरहूम रफीक अहमद के खिलाफ मृत होने की शिकायत दर्ज कर दी गई है।
जबकि नूरजहां आज भी जीवित हैं और अपने घर पर मौजूद हैं। स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद उन्हें अपने जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए 9 फरवरी को एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होना पड़ेगा।
,,नूरजहां का कहना है कि देश की आज़ादी के समय उनकी उम्र 16–17 वर्ष रही होगी और आजादी के बाद से अब तक हुए लगभग सभी चुनावों में उन्होंने मतदान किया है। आज उन्हें जिंदा होने का सबूत देना पड़ रहा है, यह सोचकर वे बेहद चिंतित हैं।,,उन्होंने कहा ये कैसा शहर है जहां देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने वाला शहीद नगरी में अब ऐसा भी जहर घोला जा रहा है।
9 फरवरी को होगी सुनवाई
प्रशासन द्वारा इस मामले में 9 फरवरी को एसडीएम कार्यालय में पहली सुनवाई निर्धारित की गई है। जानकारी यह भी है कि शिकायतकर्ता को भी उसी दिन उपस्थित रहने की सूचना भेजी गई है। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता न तो कोई बड़ा नेता है और न ही कोई नामचीन जनप्रतिनिधि।फिर भी उन्होंने शिकायत दर्ज कराया है। शिकायत दर्ज कराने वाले जमुना चौक और टिकरी पारा के रहने वाले है।। जो शिकायत किए है।
शिकायतकर्ता पर कार्रवाई की मांग
प्रभावित नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि—बिना सबूतों के की गई शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए, एक व्यक्ति द्वारा की गई सामूहिक शिकायतों की सच्चाई सामने लाई जाए,तथा फर्जी व दुर्भावनापूर्ण शिकायत करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। एसआईआर सर्वे से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजरें 9 फरवरी को एसडीएम कार्यालय में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।आज पूरे जिले में मुस्लिम समाज के लोगों का शिकायत दर्ज कराकर परेशान किया जा रहा है।नगर के नज़बुद्दी शेख ने बताया कि उनकी उम्र 62 साल का है ।उनका परिवार लगभग 100 सालों से छुईखदान में रह रहे है। उन्होंने बताया उनका स्वयं का नाम 2003 की सूची में है फिर शिकायत कर्ता ने शिकायत की है । जिसके उनके परिवार के लोगों को हालत खराब है ।उनकी तबियत बिगड़ गई है ।उन्होंने प्रशासन से शिकायत कर्ताओं के ऊपर कार्यवाही की मांग की है । नहीं तो वे अब इसके लिए न्यायालय में केश दर्ज कराएंगे।
इस संबंध में एस डी एम कार्यालय से राहत की खबर है । जिसमें बताया गया कि किसी का भी नाम ऐसा ही नहीं काटा जा सकता।