खम्हारडीह अवैध कटाई मामले में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई
खम्हारडीह अवैध कटाई मामले में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई मुख्य आरोपी सहित चार गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की खबर
खम्हारडीह अवैध कटाई मामले में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई





मुख्य आरोपी सहित चार गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की खबर
छुईखदान==छुईखदान वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत भोथली के आश्रित ग्राम खम्हारडीह में हुए अवैध वृक्ष कटाई प्रकरण में वन विभाग की कार्रवाई अब तेज होती नजर आ रही है। पिछले दिनों सामने आए इस मामले में जांच के बाद विभाग ने मुख्य आरोपी सहित अन्य संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
ज्ञात हो कि खम्हारडीह क्षेत्र में राजस्व भूमि के साथ-साथ वन विभाग के आरक्षित वन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई की शिकायतें सामने आई थीं। मामले को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और जांच के बाद वन विभाग ने कार्रवाई शुरू की।
वन विभाग के अनुसार, छुईखदान परिक्षेत्र के आरक्षित वनखंड गातापार पश्चिम के कक्ष क्रमांक 239 में हुई अवैध कटाई के संबंध में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 19998/16, दिनांक 26 मई 2026 दर्ज किया गया। जांच में मुख्य आरोपी दौलत सिंह चंदेल की संलिप्तता पाए जाने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई। वहीं कटाई में प्रत्यक्ष रूप से शामिल दशरथ पिता गोलाराम, परउ पिता पीलाराम, देवकुमार पिता लगनु एवं आत्माराम पिता कामता को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की विभिन्न धाराओं तथा शासकीय संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई की गई है।
जेसीबी मशीन जब्त, राजसात की मांग
जांच के दौरान अवैध कटाई में उपयोग की गई एक जेसीबी मशीन भी जब्त की गई है। जानकारी के अनुसार मशीन को राजसात (सरकारी स्वामित्व में लेने) की वैधानिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा है और लोगों ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पहले दो कर्मचारी हो चुके हैं निलंबित
उल्लेखनीय है कि मामले के प्रकाश में आने के बाद वन विभाग ने जांच कर दो कर्मचारियों को निलंबित किया था। हालांकि क्षेत्र में अब भी यह चर्चा जारी है कि इस पूरे प्रकरण में अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमांकन के बाद ही अवैध कटाई का मामला उजागर हुआ था, इसलिए मामले की गहराई से जांच आवश्यक है।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने कहा है कि अवैध वृक्ष कटाई एवं वन अपराधों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम नागरिकों से भी वन एवं पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की है।