शाही ठाठ बाठ के साथ निकली राजा गिरिराज किशोर दास की सवारी

शाही ठाठ-बाठ के साथ निकली राजा गिरिराज किशोर दास की सवारी दशहरा देखने उमड़ा जनसैलाब मिट्टी के रावण का वध कर राजा ने दी क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की बधाई,,शहीद नगरी छुईखदान में परंपरा, ,,आस्था और राजशाही वैभव का अद्भुत संगम; ,, डीजे की धुन पर थिरके युवा, ,,,आकर्षक झांकियों को देखने उमड़ी भीड़

शाही ठाठ बाठ के साथ निकली राजा गिरिराज किशोर दास की सवारी


शाही ठाठ-बाठ के साथ निकली राजा गिरिराज किशोर दास की सवारी

दशहरा देखने उमड़ा जनसैलाब

मिट्टी के रावण का वध कर राजा ने दी क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की बधाई

शहीद नगरी छुईखदान में परंपरा, आस्था और राजशाही वैभव का अद्भुत संगम; 

डीजे की धुन पर थिरके युवा, आकर्षक झांकियों को देखने उमड़ी भीड़

छुईखदान== शहीद नगरी छुईखदान में विजयादशमी का पर्व परंपरा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। दशहरा उत्सव समिति द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक आयोजन में मिट्टी के रावण का वध कर राजा गिरिराज किशोर दास ने क्षेत्रवासियों को दशहरा पर्व की बधाई दी। इस दौरान पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल रहा और राजा की शाही सवारी देखने के लिए नगर सहित ग्रामीण अंचलों से हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े।
वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार छुईखदान राजपरिवार का शाही दशहरा इस वर्ष भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। मंगलवार शाम राजमहल से निकली राजा की सवारी को देखने के लिए नगर की सड़कों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। शाही ठाठ-बाठ से सजी बग्गी में निकली राजा की सवारी के साथ समर्थकों और क्षेत्रवासियों का विशाल हुजूम चलता रहा।
 राजा गिरिराज किशोर दास की एक झलक पाने के लिए लोग काफी देर तक इंतजार करते नजर आए।

रैनी भांठा में रावण वध, फिर निकला विजय जुलूस

दशहरा उत्सव के दौरान रैनी भांठा में रावण वध का आयोजन किया गया। इसके बाद राजपरिवार की शाही सवारी के साथ विजय जुलूस निकाला गया। जुलूस में हजारों की संख्या में ग्रामीण, नगरवासी और युवा शामिल हुए। डीजे की धुन पर थिरकते युवाओं और जयकारों से पूरा क्षेत्र उत्सवी रंग में रंग गया। जगह-जगह आतिशबाजी कर लोगों ने पर्व की खुशियां मनाईं।

जुलूस राजमहल से निकलकर जैन मोहल्ला होते हुए बाजार लाइन पहुंचा। यहां संजीव दुबे के परिवार द्वारा पुराने पुलिस थाना चौक पर पूजा-अर्चना कर राजा का स्वागत किया गया। इसके बाद विजय जुलूस जय स्तंभ चौक की ओर आगे बढ़ा। पूरे मार्ग में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

                     झांकियों को देखने उमड़ी भीड़

शाही सवारी और आकर्षक झांकियों को देखने के लिए नगर के विभिन्न मार्गों पर हजारों की संख्या में नागरिक एकत्रित हुए। लोग इस ऐतिहासिक पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में दशहरा उत्सव को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। राजपरिवार की सवारी के साथ चल रहे जनसमूह ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया।

राजा गिरिराज किशोर दास के साथ राजपरिवार के सदस्य और उनके पुत्र दोनों  युवराज राजवर्धन किशोर, युवराज भव्यराज किशोर,राज पुरोहित प, विपिन तिवारी लाल किरण किशोर दास भी आयोजन में सहभागी बने। बदलते समय के बावजूद राजशाही दशहरे के प्रति लोगों का आकर्षण और पारंपरिक जुड़ाव आज भी बरकरार है।

         राजमहल में राजमाता और रानी ने किया स्वागत

विजय जुलूस के राजमहल पहुंचने पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार राजमाता और रानी नम्रता देवी ने तिलक लगाकर राजा का स्वागत किया। जिले के विभिन्न अंचलों से पहुंचे लोगों ने राजा गिरिराज किशोर दास को पान, मिठाई सहित विभिन्न भेंट अर्पित की और उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान राजपरिवार और आम लोगों के बीच वर्षों पुराना आत्मीय संबंध भी देखने को मिला।

       

पान खिलाने की अनूठी परंपरा आज भी कायम

छुईखदान के दशहरे की एक खास पहचान यहां की पान परंपरा है। राजशाही के दौर से चली आ रही पान की खेती और पान खिलाने की रस्म आज भी लोगों की आस्था से जुड़ी हुई है। रावण वध के बाद लोग अपने घर पहुंचते हैं, जहां परिवार की महिलाएं तिलक लगाकर उनका स्वागत करती हैं और पान का बीड़ा खिलाती हैं। यह परंपरा विजयादशमी की खुशियों को पारिवारिक आत्मीयता और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ती है।

दशहरा उत्सव समिति के द्वारा किया गया विशेष आयोजन हजारों की संख्या में पहुंचे क्षेत्रवासी 

दशहरा उत्सव समिति के द्वारा फ़ुटबाल मैदान ने रहब दहन का कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जहां राजा गिरिराज किशोर दास के शाही जुलूस रावण का वध कर दशहरा मैदान पहुंचा ।जहा पर दशहरा उत्सव समिति और नगर पंचायत के द्वारा रावण दहन के बाद आतिशबाजी का योजन किया गया ।जिसे देखने के लगभपुरे छेत्र से लगभग 20 हजार दर्शक उपस्थित रहे उसके बाद राजा गिरिराज किशोर दास ने सभी क्षेत्रवासियों को दशहरा पर्व  की बधाई दिए उसके रायपुर से आए छत्तीसगढ़ी कार्यक्रम लोक संध्या का आयोजन किया गया ।जिसे देखने पूरे से हजारों दर्शक और अंगिरा उपस्थित रहे। ।दशहरा उत्सव समिति के सदस्य अनिमेष महोबिया अनुराग सोनी निलेश गुप्ता शैव्या वैष्णव प्रयास जैन सज्जाक खान संजय महोबिया प्रकाश महोबिया मनीष कोचर पन्ना मंडावी महेश नारकर डब्बू भाई संहित नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।।

छुईखदान का दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राजपरिवार और क्षेत्रवासियों के बीच पीढ़ियों से चले आ रहे पारंपरिक जुड़ाव का प्रतीक है। अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व छुईखदान की ऐतिहासिक पहचान को आज भी जीवंत बनाए हुए है। शाही सवारी, रावण वध, विजय जुलूस, झांकियों और लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा यह आयोजन लोगों के लिए यादगार बन गया।