छ.ग.की परंपरा को जीवंत रखे हुए छुईखदान की गेड़ी दौड़ प्रतियोगिता
छ.ग.की परंपरा को जीवंत रखे हुए छुईखदान की गेड़ी दौड़ प्रतियोगिता (नगर की प्रतिनिधि सेवाभावी सामाजिक संस्था प्रेरणा द्वारा आयोजन का 13वां वर्ष ) (ग्रामीण अंचल के अलावा बडे शहरो से भी प्रतिभागियों की धमक ) छुईखदान-:-लगभग तीस बरस पहले गठित नगर की रचनात्मक एवं सेवाभावी संस्था प्रेरणा अपनें प्रारंभ काल से ही सेवा एवं रचनात्मकता के हर क्षेत्र में पूरे क्षेत्र में अपनें आयोजन को लेकर लोगों का न केवल मनोरंजन किया अपितु शैक्षणिक,सामाजिक,सांस्कृतिक एवं खेलों के आयोजन को लेकर अपनी सफलता का झंडा उंचा किया साथ ही लोहा भी मनवाया है,कहने वाले आज भी कहते नजर आते हैं कि प्रेरणा ने जब भी नगरजनो के सामने कुछ प्रस्तुत किया है वह खास ही रहा है।

छ.ग.की परंपरा को जीवंत रखे हुए छुईखदान की गेड़ी दौड़ प्रतियोगिता
(नगर की प्रतिनिधि सेवाभावी सामाजिक संस्था प्रेरणा द्वारा आयोजन का 13वां वर्ष )
(ग्रामीण अंचल के अलावा बडे शहरो से भी प्रतिभागियों की धमक )
छुईखदान-:-लगभग तीस बरस पहले गठित नगर की रचनात्मक एवं सेवाभावी संस्था प्रेरणा अपनें प्रारंभ काल से ही सेवा एवं रचनात्मकता के हर क्षेत्र में पूरे क्षेत्र में अपनें आयोजन को लेकर लोगों का न केवल मनोरंजन किया अपितु शैक्षणिक,सामाजिक,सांस्कृतिक एवं खेलों के आयोजन को लेकर अपनी सफलता का झंडा उंचा किया साथ ही लोहा भी मनवाया है,कहने वाले आज भी कहते नजर आते हैं कि प्रेरणा ने जब भी नगरजनो के सामने कुछ प्रस्तुत किया है वह खास ही रहा है।
इसी कड़ी मे गत तेरह वर्षो से नगर एवं छ.ग.की त्यौहारी परंपरा का प्रथम सोपान कहलाने वाले हरेली त्यौहार,,जो श्रावण मास मे पड़ता है कहते हैं कि पूरे छ.ग.मे त्यौहारो की शुरूआत इसी दिन से होती है,इस दिन किसान मजदूर सहित सभ्रांत परिवारों मे भी पारंपरिक औजारो जैसे गैंती,फावड़ा टंगिया नांगर आदि की पूजा की जाती है और प्रसाद में मीठा चिला का भोग लगाया जाता है औरर बंांस के बनें गेंड़ी पर चढ़कर भ्रमण करनें का अपना अलग ही आनंद होता है।
गत कुछ वर्षो में पाश्चात्य संस्कृति की चाशनी में सराबोर नए जमानें के पोषक लोगो के द्वारा अपने ंषडयंत्रो ंके तहत हरेली त्यौहार की कुछ अलग ही परिभाषा गढ़ा जा रहा था परिणाम सबके सामने था अर्थात इस दिन को लोग पिकनिक खाने पीने का त्यौहार मान बैठे थे जिससे प्रदेश व नगर क्षेत्र मे गंेड़ी चढ़ने ही परंपरा का भयंकर ह्रस होता दिखाई दिया जिसे पुर्नजिवित करने के उद्देश्य एवं संकल्प के साथ ही नगर की प्रतिनिधि संस्था प्रेरणा द्वारा कोई बारह वर्ष पहले पहले करते हुए इस त्यौहार के दिन गेंड़ी दौड़ का आयोजन कर परंपरा को जिवित रखने का प्रयत्न शुरू किया गया इसमे कोई दो राय नही इस परंपरा को जीवित रखने की दिशा में प्रतियोगिता में भाग लेनें वाले आस पास के ग्रमीण अंचलों के प्रतिभागियों की अहम् भूमिका रही है।
एक संस्था से प्रारंभ किया गया कारवां बढ़ता ही गया और लोग जुड़ते गए,आयोजन के तेरहवें वर्ष मे दुर्ग,बालोद,लोरमी सहित दर्जनो ग्राम तोके प्रतिभागियों नें भाग लेकर आयोजन को भरपूर उंचाई दी,तो उनके हौसलों को बढ़ानें के लिए हजारों की तादाद मे दर्शक पहुंचकर सफलता का इतिहास भ्ी लिखा,उक्त प्रतियोगिता मे प्रथम स्थान दुर्ग के द्वितीय रामनाथ कंवर ग्राम हाटबंजा,तृतीय दुर्ग के व चतुर्थ स्थन भी दुर्ग के ने प्राप्त किया।
उक्त आयोजन मे जिला सेवादल के अध्यक्ष छोटे राजा देवराज किशोर दास अतिथि के आसंदी से उक्त आयोजन को एतिहासिक बताते हुए आने वाले समय मे इस आयोजन को और भी विस्तार देते हुए प्रदेश स्तर पर कराए जाने की बात कही,वहीं अतिथि गण यथा संरक्षक शांति लाल सांखला व राजकुमार जैन ने सबोधित करते हुए कहा कि सफल आयोजन के विषय मे आज तीस बरस बाद भी प्रेरणा संस्था जनसाधारण के बीच अपनी एक अमिट छाप बनाए रखे हुए है जो अपने आप मे असहज कार्य है,प्रतियोगिता के लिए प्रथम पुरूस्कार श्रीमती पार्तिका संजय महोबिया (अध्यक्ष-नगर पंचायत छुुईखदान),द्वितीय पुरूस्कार- कुंवर देवराज किशोर दास व तृतीय पुरूस्कार संरक्षक शांतिलाल सांखला जी की ओर से प्रदान किया गया जबकि सांत्वना परूस्कार नगर की अग्रणी संस्था जय जगन्नाथ सेवा समिति व सुनील जैन की ओर से की गई थी।
उक्त आयोजन मे अमरूत एवं रामनाथ हाटबजा,राजकुमार कंवर ग्रढबंजा दुर्गेश मानिकपुरी हाटबंजा,घनश्याम धारिया,कांता चंदेल दिनेश नेताम ओमप्रकाश नेताम होरीलाल कोहलाटोला,रिषि नेताम गढबंजा सूरज वर्मा खुडमुडी देशराज जंघेल बीरूटोला,रोहित साहू बालोद,सरजू पटेल कोर्राय नितेश पटेल सरजू पटेल कोर्राय ददद साहू धनश्याम साहू हेमलाल कानीमेरा,रामअवतार यादव गढबंजा श्रवण कंवर गढबंजा साहिल कोसरे बहेरा भाठा नवीन राजपूत लोरमी,गितांशू साहू विकास यादव रोशन यादव दुर्ग गोवर्धन ओगरे बिडौरी सहित अनेंको प्रतिभागियो ने भाग लिया,जिसमें विजेताओं को प्रथम पुरूस्कार के रूप में पांच हजार रूपए व पदक नगर पंचायत अध्यक्षा श्रीमती पार्तिका संजय महोबिया की ओर से,द्वितीय पुरूस्कार के रूप तीन हजार रूपए व पदक कुंवर देवराज किशोर दास की ओर से व तृतीय पुरूस्कार के रूप मे इक्कीस सौ रूपए व पदक संरक्षक शांतिलाल सांखला की ओर से प्रदान किया गया। , , आयोजन को सफल बनाने मे ंजय जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष आदित्यदेव वैष्णव,पुलिस प्रशासन,चिकित्सा प्रशासन,जिला प्रेस क्लब के सी जी संगठन मिडिया कर्मीगण समिति के प्रमुख सदस्य सुमेरकरण सांखला,सुभाष सांखला,श्रीकांत महोबिया,प्रदीप श्रीवास्तव,इजराइल सोलंकी बंटी भालेकर,संजय तिवारी, पवन चंद्राकर,मनोज कोचर नीलम वैष्णव सहित ज्ञात अज्ञात समस्त सहयोगियों का प्रसंसनीय योगदान रहा जबकि पूरे आयोजन का मंच संचालन प्रेरणा के अध्यक्ष अशोक चंद्राकर ने किया।